Top 5 investment plan 2023 in hindi, पांच श्रेष्ठ निवेश योजनाएँ, 2023 टॉप निवेश योजनाएँ, Mutual Fund, PPF, Fixed Deposit in Hindi, India’s best investment plan in hindi
अपनी मेहनत की कमाई को बुद्धिमत्ता से निवेश करना आपके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय वित्तीय बाजार के चलते, अपने लक्ष्यों के साथ मेल खाने वाले पांच बेहद लाभकारी निवेश अवसरों की खोज करना आवश्यक है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में, हम भारत में शीर्ष पांच निवेश योजनाओं (Investment plan) की विस्तार से जानकारी देंगे। चाहे आप एक नौसिखिए निवेशक हों या एक अनुभवी, ये निवेश विकल्प सुरक्षा और लाभ का मिश्रण प्रदान करते हैं।
जानें वो पांच ऐसे निवेश योजनाएँ जो आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती हैं। इन लाभदायक अवसरों की खोज करें और सुरक्षित भविष्य के लिए सूचित निवेश निर्णय लें।
परिचय
निवेश करना डरावना लग सकता है, खासकर जब इतने सारे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, अपने वित्तीय उद्देश्यों, जोखिम सहिष्णुता और निवेश की अवधि को समझकर आप उचित निवेश कर सकते हैं। भारतीय निवेश दृश्य विविध है, विभिन्न आवश्यकताओं और पसंदों को पूरा करता है। चलिए जानते हैं भारत में शीर्ष पांच निवेश योजनाएँ, जो आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती हैं।
2023 की पांच टॉप निवेश योजनाएँ (Top investment plan in hindi)
1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF /Public Provident Fund))
PPF भारतीयों के लिए एक लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश विकल्प है। इसमें सुरक्षा, कर लाभ और आकर्षक ब्याज दरें होती हैं। PPF में निवेश करके, आप न केवल अपने भविष्य को सुरक्षित करते हैं, बल्कि आपको आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर छूट (Income Tax Rebate) भी मिलती है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड सरकार द्वारा संचालित एक ऐसी योजना है जो कि न्यूनतम जोखिम के साथ साथ एक अच्छा रिटर्न भी देती है। इसके रिटर्न की गारंटी सरकार देती है।
इसकी विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
निवेश राशि
न्यूनतम निवेश राशि वार्षिक 500 रूपए है।
अधिकतम राशि वार्षिक 1.5 लाख रूपए है।
एक वित्तीय वर्ष में आप एक से 12 बार कहीं भी जमा कर सकते हैं।
निवेश का मुनाफा
वर्तमान ब्याज दर वर्षिक 7.10% है।
पीपीएफ ब्याज दरें फ्लोटिंग होती हैं, जिसका मतलब है कि वे हर तिमाही में बदल सकती हैं। ब्याज दर की परिवर्तन सामान्यत: 0.25% से 0.75% के बीच हो सकता है।
उपलब्धता
लगभग सभी भारतीय बैंकों और डाकघरों में उपलब्ध है।
आप केवल एक खाता खोल सकते हैं।
खाता खोलने की आयु सीमा पर कोई प्रतिबंध नहीं है। एक अल्पसंख्यक का खाता उनके प्रतिपालक द्वारा 18 वर्ष की आयु तक संचालित किया जाता है।
परिपक्वता (Maturity Time)
पीपीएफ फंड की परिपक्वता का समय 15 वर्षों का निर्धारित किया गया है।
खाता खोलने के पांच वर्षों के बाद आंशिक निकासी की अनुमति है।
टैक्सेशन
पीपीएफ में निवेश करने पर धारा 80-C के अंतर्गत आयकर में छूट मिलती है।
आपके निवेश पर कमाई भी कर के मुक्त है।
इस योजना में जोखिम न्यूनतम है।
यह इन्वेस्टमेंट प्लान (Investment plan) बहुत ही लोकप्रिय है।
2. म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Fund investment plan)
जो लोग ज्यादा लाभ चाहते हैं, उनके लिए म्यूच्यूअल फंड्स एक उत्कृष्ट विकल्प हैं। इन फंड्स में पैसे कई निवेशकों से जमा किए जाते हैं और मुख्य रूप से स्टॉक्स में निवेश किया जाता है। इनमें विभिन्न श्रेणियां होती हैं, जो विभिन्न जोखिम योजनाओं को पूरा करती हैं।
म्यूच्यूअल फंड
एक म्यूच्यूअल फंड एक निवेश साधन है जो निवेशकों से पैसे को एकत्र करता है और लाभ उत्पन्न करने के लिए इसे शेयर मार्किट में निवेश करता है। किसी बैंक या संस्थान द्वारा एक फंड हाउस बनाया जाता है जिसमे बहुत सारे लोगों द्वारा पैसा जमा होता है। वहां पर उस पैसे को मैनेज करने के लिए फंड मैनेजर होते हैं। ये फण्ड मैनेजर उस पैसे को शेयर मार्किट में अलग अलग विभाग के अच्छे शेयर्स पर पैसा लगते हैं।
मुख्यता म्यूच्यूअल फंड तीन प्रकार के होते हैं
A. लार्ज कैप फंड (Large cap fund )
B. मिड कैप फंड (Mid cap fund )
C. स्माल कैप फंड (Small cap fund )
उपलब्धता
आप इसमें सेबी द्वारा अधिकृत व्यक्तियों, सरकारी या प्राइवेट किसी भी बैंक से और स्टॉक ब्रोकरेज कंपनियों के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन निवेश कर सकते हैं।
म्यूच्यूअल फंड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी के लिए पढ़े: म्युचअल फंड क्या है?| Mutual Fund in Hindi
3. ELSS ( इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम )
यह एक तरह की म्यूच्यूअल फंड योजना ही है, दूसरे म्यूच्यूअल फंड्स की तरह इसे फंड मैनेजर ही मैनेज करते हैं। यह योजना शेयर मार्किट से लिंक्ड होती है जिसकी वजह से इसमें जोखिम का स्तर ज्यादा होता है और रिटर्न भी ज्यादा ही मिलता है। इसमें तीन साल का लॉकिंग पीरियड होता है। यह शार्ट टर्म निवेश के लिए बहुत ही प्रचलित योजना है। u /s 80 C के तहत ELSS में निवेश पर 1.5 लाख तक टैक्स बचत का फायदा भी मिलता है।
वैसे तो ELSS में तीन साल का लॉकिंग पीरियड होता है, मगर फिर भी एक उच्च रिटर्न के लिए ज्यादा से ज्यादा समय निवेश में रखने का सुझाव दिया जाता है। यदि सिप (SIP ) के माध्यम से ELSS में निवेश किया जाये तो हर जमा राशि की परिपक्वता तिथि अलग होगी। ELSS फंड्स इक्विटी के विविध शेयर्स में निवेश करते हैं, वे मार्किट में लार्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप के सभी तरह के सेक्टर में निवेश करते हैं।
किसी भी नए निवेशक के लिए ELSS में निवेश करना एक अच्छा निर्णय है क्योंकि इसमें लॉकिंग पीरियड अपेक्षाकृत सबसे कम समय का है। इसमें निवेशक को टैक्स सेविंग के साथ साथ अच्छा रिटर्न भी मिलता है। यह एक अच्छा इन्वेस्टमेंट प्लान (Investment plan) है।
4. फिक्स्ड डिपाजिट (सावधि जमा / Fixed Deposit)
पैसे की सेविंग करने के लिए फिक्स्ड डिपाजिट भी सुरक्षित और आसान तरीका है। फिक्स्ड डिपाजिट में किसी एक निश्चित राशि को निश्चित समय के लिए किसी बैंक या अन्य संस्था में जमा किया जाता है। इसमें मिलने वाला ब्याज भी फिक्स होता है और परिपक्वता पर मिलने वाला पैसा भी सुनिश्चित होता है। इसके जरिए ग्राहक को नियमित बचत खाते के मुकाबले ज्यादा ब्याज प्राप्त होता है। परिपक्वता के समय मिलने वाली राशि में जो ब्याज होता है उस पर टैक्स चुकाना पड़ता है।
निर्धारित ब्याज दर के मुताबिक ब्याज दिया जाता है। लेकिन अलग-अलग वित्तीय संस्थानों जैसे कि सरकारी, गैर सरकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस में ब्याज दर अलग-अलग होती है। अगर निवेशक वरिष्ठ नागरिक है, तो उन्हें उच्च ब्याज दरों की पेशकश की जाती है। फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट में जमा किया पैसा निर्धारित अवधि से पहले नहीं निकाला जाता है, अगर किसी वजह से निवेशक को अपनी धनराशि की आवश्यकता है और वो इस राशि को निकालना चाहता है तो उसे बैंक को सूचित करना होगा, जिसके बाद बैंक कुछ जुर्माना काटकर धनराशि वापस कर देती है।
इस योजना में जोखिम न्यूनतम है।
5. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक जीवन संचय योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत और निजी पेंशन निर्माण करना है। राष्ट्रीय पेंशन योजना उन लोगों के लिए है जो अपनी बचत को सरकार द्वारा निगरानी वाले पेंशन फंड में निवेश करके एक मजबूत सेवानिवृत्ति निधि बनाना चाहते हैं। NPS में निवेश करने से आपको वित्तीय सुरक्षा और संचित धन का लाभ मिलता है। जो सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट बांड, और शेयरों सहित विविध शेयर बाजार पोर्टफोलियो में निवेश करता है। ऐसे निवेशों पर प्राप्त रिटर्न पेंशन के लिए संचित की जाती है और योजना चक्र के अंत में एक हिस्सा निकासी के लिए उपलब्ध होता है।
एनपीएस खाते दो प्रकार के होते हैं :
1 टियर I एनपीएस खाता।
2 टियर II एनपीएस खाता।
टियर I एनपीएस खाते की विशेषताएं
निवेश राशि
इस खाते को 1000 रुपये जमा कर के भी खोल सकते हैं। खाते को सक्रिय रखने के लिए आपको एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 1,000 रुपये का निवेश करना होगा। आप एक वर्ष में कितना निवेश कर सकते हैं इसकी कोई उच्चतम सीमा नहीं है।
आप 60 वर्ष की आयु तक अपनी निवेश की गई राशि नहीं निकाल सकते।
निवेश पर रिटर्न
रिटर्न की गणना विभिन्न बैंकों के पेंशन फंड द्वारा घोषित शुद्ध संपत्ति मूल्य के आधार पर की जाती है। वे पूर्व निर्धारित नहीं होती हैं और निर्भर करता हैं कि आपका निवेश वर्षों के दौरान कैसा रहा है।
उपलब्धता
इस योजना में 18 से 65 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। खाता किसी अधिकृत बैंक या पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा नियुक्त प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (पीओपी) नामक उसकी किसी भी शाखा में जाकर खोला जा सकता है। खाता खोलने के अनुरोध के बाद, आपको 12 अंकों की संख्या प्राप्त होती है और एक स्थायी सेवानिवृत्ति खाता बनाया जाता है।
परिपक्वता समय (Maturity Time)
60 वर्ष की आयु के पश्चात् ही आप अपने कुल शेष का अधिकतम 60% निकाल सकते हैं। शेष 40% का उपयोग अनिवार्य रूप से अपनी पसंद की पेंशन योजना के लिए करना होगा।
कर लगाना
प्रति वर्ष 2 लाख रुपये के निवेश को धारा 80 सी और धारा 80सीसीडी के तहत कर से छूट दी गई है।
एनपीएस टियर I खातों पर अर्जित रिटर्न को कर से छूट दी गई है।
टियर II एनपीएस खाते की विशेषताएं
एनपीएस टियर 2 एक नॉन–रिटायरमेंट एनपीएस खाता है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी और स्व–नियोजित व्यक्ति इसमें निवेश कर सकते हैं
उपलब्धता
यह एक स्वैच्छिक खाता है और इसे केवल तभी खोला जा सकता है जब किसी व्यक्ति के पास पहले से ही एनपीएस टियर I खाता हो। आप किसी भी अधिकृत बैंक या पीएफआरडीए द्वारा नियुक्त उसके पीओपी में ऑफ़लाइन खाता खोल सकते हैं। एनपीएस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन खाता खोला जा सकता है। इसमें निवेश करने के कई विकल्प हैं (असेस्ट एलोकेशन), जिन्हें आप चुन सकते हैं।
एनपीएस टियर-1 एक रिटायरमेंट खाता है। यह प्राथमिक एनपीएस खाता है और आप टियर- 1 खाता खोलने के बाद ही टियर 2 खाता खोल सकते हैं।
एनपीएस टियर- 1 खाता NPS (सेंट्रल गवर्नमेंट), NPS (स्टेट गवर्नमेंट), NPS (कॉरपोरेट) और NPS (सभी नागरिक मॉडल) के तहत खोला जा सकता है। एनपीएस टियर 2 के सभी ग्राहक एनपीएस के किसी भी फंड मैनेजर को चुन सकते हैं
वर्तमान में एनपीएस में 8 फंड मैनेजर हैं जिनमें आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एसबीआई, यूटीआई, एलआईसी, कोटक, रिलायंस और आदित्य बिड़ला सन लाइफ पेंशन फंड शामिल हैं
योग्यता एवं निवेश
एनपीएस खाता खोलने के लिए आयु 18 से 65 वर्ष होनी चाहिए। आप भारत के नागरिक होने चाहिए।
इसमें न्यूनतम और अधिकतम निवेश के लिए कोई सीमा नहीं है।
लॉक इन पीरियड और टैक्स में छूट
सरकारी कर्मचारियों के लिए लॉक इन पीरियड 3 वर्ष है और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कोई लॉक इन पीरियड नहीं है।
सरकारी कर्मचारी 1.5 लाख तक टैक्स में छूट ले सकते हैं मगर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कोई छूट नहीं है।
निवेश योजना | न्यूनतम निवेश राशि | अधिकतम निवेश राशि | कर छूट (Income Tax Rebate) | |
1. | पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF /Public Provident Fund) | 500 ₹ वार्षिक | 1.5 लाख ₹ वार्षिक | हाँ |
2. | म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Fund investment plan) | 100 ₹ वार्षिक (एकमुश्त निवेश (Lump Sum)) 500 ₹ वार्षिक (Systematic Investment Plan (SIP)) | निधारित नहीं है (No cap on upper limit) | हाँ |
3. | इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) | 500 ₹ वार्षिक | निधारित नहीं है (No cap on upper limit) | हाँ |
4. | फिक्स्ड डिपाजिट / सावधि जमा (Fixed Deposit) | 1000 ₹ | बैंक निधारित करता है | सब पर नहीं है |
5. | नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) | 500 ₹ (टियर I) 1000 ₹ (टियर II) | 1.5 लाख ₹ वार्षिक | कुछ भाग पर मिलता है |
निष्कर्ष
इस लेख में हमने जाना कि अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित कैसे कर सकते है। इसी के साथ हमने देखा कि यहाँ अलग अलग जरूरत के हिसाब से इन्वेस्टमेंट प्लान (Investment plan) हैं जिनके माध्यम से कैसे हम अपने पैसे को सुरक्षित तरीके से निवेश कर सकते हैं और अच्छे रिटर्न के साथ साथ टैक्स में भी छूट ले सकते हैं।
यह भी पढ़े:
म्युचअल फंड के क्या फायदे हैं।Mutual Fund benefits in Hindi| म्युचअल फंड कितने प्रकार के होते हैं
जिओ वित्तीय सेवाएँ | Jio Financial Services kya hai | Jio Financial Services in Hindi
RBI ने अपनी डिजिटल करेंसी लांच की| RBI Digital Rupee| अब आपको कैश की ज़रूरत कम पड़ेगी
DISCLAIMER
इस लेख में हमने पांच निवेश योजनाओं की जानकारी दी है और हम इसमें कही भी पाठको को निवेश करने के लिए प्रेरित नहीं कर रहे। निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़, शर्ते व नियम ध्यान से पढ़े। ऊपर दिया गया लेख पूरी तरह से एक सूचना है।