गोल्ड में इन्वेस्ट कैसे करें, Gold Investment in Hindi, सोने में कब और कैसे निवेश करे, Gold से पैसा कैसे बनाये, 5 Gold Investment Plans in Hindi
हमारे देश को सदियों से सोने की चिड़िया कहा जाता रहा है इसका सही मायने में मतलब है की यहाँ सोना बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता था। मगर हिन्दुस्तान पर जब जब आक्रमण हुए तब तब बाहरी शक्तियों ने यहाँ के सोने को दोनों हाथों से लूटा। पहले मुगलों ने फिर पुर्तगाली और आखिर में अग्रेजों ने यहाँ शासन किया। अंग्रेजों ने यहाँ लगभग 200 साल तक राज किया इन 200 सालों में उन्होंने जहाज भर भर कर सोना हीरे जवारात अपने देश भेजे।
आज आजादी को 76 साल हो गए हैं आज भी हमारे देश में सोने की महत्वता अत्यधिक है। पूरी दुनिया में आज भी सबसे ज्यादा सोने का उपभोग और उपयोग भारत में ही किया जाता है। सबसे ज्यादा सोने की मांग हमारे देश में ही है। यहाँ आज भी सोने को प्राथमिकता दी जाती है। यहाँ सोने में निवेश को सबसे अच्छा निवेश मानते हैं। हर व्यक्ति अपने पास सोना रखना चाहता है इसके साथ लोगो की भावनाएं (sentiments) जुडी हैं।
लोग सोने में निवेश को प्राथमिकता देते हैं, वे अलग अलग तरह की योजनाओं में निवेश करते है। आज हम सोने में निवेश के लिए विभिन्न योजनाओं की चर्चा करेंगे। सोने (गोल्ड ) में निवेश के लिए बाज़ार में बहुत सारी योजनाएं उपलब्ध हैं, ये योजनाएं कुछ इस प्रकार हैं। लेख को अंत त`क पढ़े व शेयर करे।अगर आपको किसी भी प्रकार के निवेश के बारे में कुछ पूछना हो तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

भौतिक रूप से सोना खरीदना (Investment in Physical Gold )
सदियों से यह तरीका लोग अपना रहे हैं यह सबसे पुराना तरीका है। इसमें सॉलिड गोल्ड को भौतिक रूप से खरीद कर अपने पास रखा जाता है। खासकर महिलाएं सोने के गहने खरीदना और उन्हें अपने पास रखना बहुत पसंद करती हैं। इस तरह के निवेश में आपको गहनों के मूल्य के साथ मेकिंग चार्ज भी देना पड़ता है। आप गहनों के अलावा सोने के सिक्के और बिस्कुट भी खरीद सकते हैं। इस तरह के निवेश में चोरी हो जाने या गुम जाने का भय भी बना रहता है।
भौतिक सोने के लाभ
- ये बहुत ही सरल तरीका है।
- इसके लिए डीमैट खाते की आवश्यकता नहीं है।
- गोल्ड खरीदने के लिए कोई ब्रोकरेज या प्रबंधन शुल्क नहीं दिया जाता।
- इसमें उच्च तरलता है, कभी भी आवश्यकता होने पर आसानी से ऋण लिया जा सकता है या बेचा जा सकता है।
भौतिक सोने के कुछ नुकसान
- इसमें चोरी होने या खो जाने का खतरा बना रहता है।
- सोने की शुद्धता का ध्यान रखना पड़ता है।
- इसमें रख रखाव की लागत अधिक हो सकती है।
सोने में निवेश करने के पांच तरीके (5 Ways for Gold Investment )
आज के समय सोने में निवेश बहुत आसान हो गया है। आइये जाने आभूषणों के अलावा, सोने में निवेश के और कौन से प्रमुख तरीके हैं।
1. ज्वैलर्स द्वारा जारी की गई स्कीम
आमतौर पर, ज्वैलर्स अपने मूल्यवान ग्राहकों के लिए समय-समय पर बहुत सारी सोने की योजनाएं लेकर आते हैं। एक निवेशक को एसआईपी की तरह, एक निश्चित अवधि के लिए सोने की योजना में एक निश्चित राशि का निवेश करना होता है। परिपक्वता के बाद, निवेशक के हाथ में एकमुश्त राशि होती है जिसके लिए वे सोना खरीद सकते हैं।
इन स्कीम में ज्वैलर्स अपने ग्राहकों को इस योजना के तहत कुछ बोनस या आखिरी क़िस्त में कुछ डिस्काउंट इत्यादि भी देते हैं। जैसे कि मानो रमेश ने अपने ज्वैलर्स के पास 6000 रूपए महीना 12 महीने तक की किसी योजना में निवेश किया है इसमें उसका ज्वैलर्स आखिरी क़िस्त में 80 % की छूट देता है, इस तरह रमेश को मात्र 67200 रूपए देने होंगे ( 6000*11 + 1200 ) और 12 महीने के बाद उसे 72000 रूपए का सोना मिलेगा।
कुछ केस में ज्वैलर्स अपने ग्राहकों से मात्र 11 महीने तक क़िस्त जमा करवाते हैं और बारहवीं क़िस्त में 100 % की छूट देते हैं, यानि कस्टमर को 11 महीने पैसे देकर 12 महीने जितनी राशि का सोना मिल जाता है।
ज्वैलर्स के पास निवेश करने के लाभ
- ये बहुत ही सरल तरीका है।
- इसमें एक मुश्त पैसा नहीं देना पड़ता, हर महीने थोड़ा थोड़ा पैसा देकर निवेश किया जाता है।
- ज्वैलर्स द्वारा आखिरी क़िस्त में छूट भी मिलती है।
- इसके लिए डीमैट खाते की आवश्यकता नहीं है।
- गोल्ड खरीदने के लिए कोई ब्रोकरेज या प्रबंधन शुल्क नहीं दिया जाता।
ज्वैलर्स के पास निवेश करने के नुकसान
- योजना पूरी होने पर कुछ सोने के गहने मिलते हैं, इसमें चोरी होने या खो जाने का खतरा बना रहता है।
- गहनों पर मेकिंग चार्ज लगाया जाता है।
- सोने की शुद्धता का ध्यान रखना पड़ता है।
2. गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF)
सोने को शेयरों की तरह खरीदने की सुविधा को गोल्ड ईटीएफ कहते हैं। यह म्यूचुअल फंड की स्कीम है।
ये एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड हैं जिन्हें स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदा और बेचा जा सकता है। गोल्ड ईटीएफ का बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड की कीमतें है, आप इसे सोने की उस समय की कीमत के बराबर खरीद सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए आपके पास एक ट्रेडिंग डीमैट खाता होना चाहिए। इसमें सोने की खरीद यूनिट में की जाती है। इसे बेचने पर आपको सोना नहीं बल्कि उस समय के बाजार मूल्य के बराबर राशि मिलती है।
यह सोने में निवेश के सबसे सस्ते और अच्छे विकल्पों में से एक है। इन्हें शेयरों की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कैश मार्केट में खरीदा या बेचा जा सकता है।
गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है। लेकिन गोल्ड ETF में कोई अधिकतम सीमा ( लिमिट) नहीं है। गोल्ड ETF में कोई लॉक इन पीरियड नहीं है। इसमें होने वाली आय पर शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन लगता है। इसमें होने वाले लाभ को आपकी इनकम में जोड़ कर नार्मल स्लैब रेट से टैक्स चार्ज किया जाता है।
गोल्ड ईटीएफ के लाभ
- गोल्ड ईटीएफ में महंगाई दर से अधिक रिटर्न मिलता है इसलिए इस निवेश को मुद्रास्फीति का कवच माना जाता है ी
- निवेशकों के पोर्टफोलियो विविधीकरण में सहायक होता है।
- गोल्ड ईटीएफ एक सरल एवं सुरक्षित निवेश है, इसी के साथ यह चोरी, भंडारण और खो जाने की चिंता से मुक्त है।
- किसी भी प्रकार की वैश्विक अनिश्चितताओं के समय पर यह एक अच्छा निवेश माना जाता है।
- इसपर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन लगता है उसके बावजूद यह बहुत बढ़िया रिटर्न देता है।
गोल्ड ईटीएफ के नुकसान
- इसमें निवेश करने के लिए डीमैट खाता खुलवना आवश्यक है और इसमें वार्षिक शुल्क भी देना पड़ता है।
- गोल्ड ईटीएफ बेचते और खरीदते समय ब्रोकरेज शुल्क लगता है।
3. गोल्ड म्यूचुअल फंड (Gold Mutual Fund )
गोल्ड म्यूचुअल फंड गोल्ड ETF का ही एक प्रकार है। ये ऐसी योजनाएं हैं जो मुख्य रूप से गोल्ड ETF में निवेश करती हैं। गोल्ड म्यूचुअल फंड सीधे भौतिक सोने में निवेश नहीं करते हैं, लेकिन उसी स्थिति को अप्रत्यक्ष रूप से लेते हैं। इस फंड का उद्देश्य सोने में निवेश से सुविधाजनक तरीके से रिटर्न प्राप्त करना है। यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है क्योंकि सोने की दरों में अक्सर उतार-चढ़ाव नहीं देखा जाता है।
आप मासिक SIP के माध्यम से 1,000 रुपए से कम के साथ गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं। इसके निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती है। आप किसी भी म्यूचुअल फंड हाउस के माध्यम से इसमें निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
गोल्ड म्यूचुअल फंड के लाभ
- गोल्ड म्यूच्यूअल फण्ड में बहुत काम राशि से निवेश शुरू किया जा सकता है, इसमें न्यूनतम 1000 रूपए महीने की सिप से शुरुआत हो जाती है।
- म्यूच्यूअल फण्ड सेबी (SEBI ) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
- इलेक्ट्रॉनिक रूप में सोना रखना सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक तरीकों में से एक है।
गोल्ड म्यूचुअल फंड के कुछ नुकसान
- इसमें तरलता थोड़ी कम है क्योंकि इसे कम से कम 2 या 3 साल के लिए निवेश किया जाता है।
- इनमें निवेश खर्च ईटीएफ से थोड़ा अधिक होता है।
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4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
यह सोने में निवेश करने की सरकारी योजना है। जिसे रिजर्व बैंक द्वारा कुछ समय के अंतराल में निवेशकों के लिए लाया जाता है।
ये बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा भारत सरकार की ओर से जारी किए जाते हैं और स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड किए जाते हैं।
आप एक ग्राम भी सोना खरीद सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बांड एक सरकारी बांड होता है। इसे डीमैट रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इसका मूल्य रुपए या डॉलर में नहीं होता है, बल्कि सोने के वजन में होता है।
यदि बांड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बांड की कीमत होगी। इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है। बांड को भुनाते वक्त पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है। यह बांड भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सरकार की ओर से जारी किया जाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लाभ
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर 2.50% की सुनिश्चित ब्याज दर है, जो अर्ध-वार्षिक रूप से दी जाती है। सोने में किसी भी अन्य प्रकार के निवेश से इस प्रकार की आय का विकल्प नहीं है।
- गोल्ड बांड्स का परिपक्वता मूल्य उस समय 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन दिनों के औसत बंद होने वाले भाव पर आधारित होता है।
- निवेशक इन बांड्स को गिरवी रख कर इन बांड्स पर ऋण ले सकते हैं।
- बांड्स से मिलने वाला ब्याज आयकर अधिनियम 1961 के तहत कर-योग्य है, किन्तु परिपक्वता के समय होने वाले पूंजीगत लाभ (LTCG) में निवेशक को पूर्णतया छूट है, जो इसे लम्बी अवधि के हिसाब से आकर्षक विकल्प बनाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के नुकसान
- इसकी परिपक्वता अवधि 8 साल की है जो कि निवेशकों के लिए लम्बी अवधि है ।
- इसी के साथ इसमें पांच साल की न्यूनतम लॉक-इन अवधि है।
- इसमें न्यूनतम निवेश भी 1 ग्राम सोना है।
5. ऐप के जरिये खरीदें गोल्ड ( Digital Gold )
ऐसे बहुत से मोबाइल एप उपलब्ध हैं जिनके माध्यम से भी गोल्ड में निवेश किया जा सकता है, जिसे डिजिटल गोल्ड के रूप में जाना जाता है।
अब आप अपने स्मार्टफोन से ही डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए बहुत ज्यादा पैसा खर्च करने की भी जरूरत नहीं होती है। आप अपनी सुविधानुसार जितनी कीमत का चाहें सोना खरीद सकते हैं, यहां तक कि 1 रुपए का भी। यह सुविधा अमेजन-पे (Amazon Pay), गूगल पे (Google Pay), पेटीएम (PayTm), फोनपे (Phone Pay) और मोबिक्विक (MobiKwik) जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
निष्कर्ष
भारत में सोना शुभ माना जाता है और इसे अलग-अलग अवसरों पर खरीदा जाता है जैसे धन तेरस, अक्षय तृतीया और खासकर विवाह-शादी के शुभ अवसर पर। सोने की कीमतें कई कारकों से निर्धारित होती है जैसे मांग और आपूर्ति, देश की आर्थिक स्थिति, वैश्विक बाजार में सोने की मांग आदि। इसलिए यह निवेश का अच्छा साधन है, लेकिन यह पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा नहीं होना चाहिए।
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DISCLAIMER
इस लेख में हमने सोने की निवेश योजनाओं की जानकारी दी है और हम इसमें कही भी पाठको को निवेश करने के लिए प्रेरित नहीं कर रहे।निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़, शर्ते व नियम ध्यान से पढ़े। अन्य निवेश माध्यमों की भांति सोने में निवेश से पहले उद्देश्य, अवधि, जोख़िम क्षमता और भविष्य की रणनीति का आकलन आवश्यक है।