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जैसे कि शेयर को खरीदने व बेचने का काम शेयर मार्किट में किया जाता है उसी प्रकार किसी भी क्रिप्टो करेंसी को खरीदने व बेचने का कार्य क्रिप्टो एक्सचेंज (Cryptocurrency Exchange) द्धारा किया जाता है। यह एक डिजिटल मार्किट प्लेस है जहाँ आप क्रिप्टो को खरीद और बेच सकते हैं। इसकी मदद से आप रुपए या डॉलर के बदले क्रिप्टो करेंसी खरीद सकते हैं।
नमस्कार दोस्तों आज हम ऐसी ही एक क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज की बात करेंगे जो अचानक ही दिवालिया घोषित कर दी गयी। जी हाँ हम FTX Exchange की बात कर रहे है जिसकी खबरे क्रिप्टो मार्किट में तहलका मचा रही है। लेख को अंत तक पढ़े व शेयर करे।अगर आपको क्रिप्टो करेंसी के बारे में कुछ पूछना हो तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

FTX kya hai | FTX Exchange
FTX दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक है। यह एक्सचेंज बहामास (Bahamas) स्थित है।

इसकी स्थापना 2019 में सैम बैंकमैन-फ्राइड (Sam Bankman Fried) (सीईओ/ CEO) और गैरी वांग (Gary Wong) द्वारा की गई थी। गैरी वांग इस कंपनी के मुख्य टेक्नोलॉजी अफ़सर (Chief Technology Officer) है ।
इस एक्सचेंज ने बहुत तेजी से ग्रो किया और वेंचर कैपिटल फंड से लाखों डॉलर की फंडिंग प्राप्त की ।
2021 में एफ टी एक्स (FTX) पर लगभग एक मिलियन / दस लाख उपयोगकर्ता थे।
इस एक्सचेंज पर काफी अच्छे प्रोजेक्ट्स काम कर रहे थे।
| क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज | FTX (Futures Exchange) |
| नेटिव कॉइन/क्रिप्टो कॉइन (Native Coin) | FTT |
| प्रक्षेपित/लॉन्च (launch) की तारीख | May 2019 |
| संस्थापक का नाम | सैम बैंकमैन-फ्राइड (Sam Bankman Fried) Co-Founder- गैरी वांग (Gary Wong) |
| ऑफिशियल आधिकारिक वेबसाइट | www.ftx.com |
| मुख्यालय Headquarters | Nassau, New Providence, The Bahamas (बहामास) |
क्यों हुई FTX दिवालिया घोषित ?
इन दिनों यह एक्सचेंज नकदी संकट से झूझ रहा है। FTX एक बहुत बड़ा एक्सचेंज होने के बावजूद ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। निवेशकों का करोड़ों डॉलर दांव पर लगा हुआ है।
FTX में निवेशकों के पैसों के साथ छेड़ छाड़ का आरोप भी लगाया गया है। कहा जा रहा है कि निवेशकों के करोड़ों डॉलर मिसिंग हैं या यूँ कहें कि करोड़ों डॉलर की हेराफेरी की गई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार एक्सचेंज के सीईओ सैम बैंकमैन-फ्राइड ने बिना किसी से सलाह किए FTX से यह रकम अल्मेडा रिसर्च (Alameda) नाम की अपनी दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर दी। यह भी उल्लेख किया कि इस बड़ी धनराशि के स्थानांतरण (ट्रांसफर ) के बाद ही निवेशकों के फण्ड का बड़ा हिस्सा गायब हुआ।
इसके चलते एक्सचेंज नकदी संकट से जूझ रहा है। FTX से एक ही दिन में 2100 करोड़ की निकासी की गई।
एक्सचेंज ने अपने प्रतिद्वंदी बिनान्स एक्सचेंज (Binance Exchange) से मदद मांगी। बिनान्स ने FTX के अधिग्रहण (टेकओवर) का ऐलान किया था , लेकिन आखिरी समय में बिनान्स ने यह कह कर डील रद कर दी कि प्रस्तावित अधिग्रहण की छानबीन करने के बाद वह इस डील को रद कर रहे हैं।
इसके बाद FTX ने अमेरिका में दिवालिया संरक्षण कानून के तहत 11 नवंबर 2022 को आवेदन किया है। इसके साथ ही इसके सीईओ सैम बैंकमैन-फ्राइड ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
FTX के दिवालिया होने के साथ ही इसके संस्थापक और सीईओ सैम की कुल संपत्ति (Net worth ) 15.2 अरब डॉलर से घटकर 990 मिलियन डॉलर रह गई। 24 घंटे में ही लगभग 94 % की गिरावट हुई, यह किसी भी अरबपति की सम्पत्ति में 1 दिन की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
FTX के नए सीईओ(CEO)
जॉन ज रे (John J Ray )को अब का नया सीईओ बनाया गया है और वह FTX की वित्त सम्बंधित जानकारी हासिल करके रिपोर्ट देंगे कि अब आगे क्या कदम उठाना ठीक होगा।
जॉन ने पहले भी कई असफल कॉर्पोरेट (कंपनियों ) (failure corporates) जैसे की एनरॉन (Enron) को प्रबंधित (manage) किया है। उन्होंने कोर्ट में बताया कि इस कंपनी में बहुत गलत तरीके से कार्य किया गया है जैसे ऐसे समूह ईमेल का इस्तेमाल जो कि कंपनी की संवेदनशील जानकारी के लिए बिलकुल भी सुरक्षित नहीं था। इसके साथ ही कंपनी का संचालन भी कम अनुभवी हाथो में दिया गया।
क्या होगा अब क्रिप्टो मार्किट का?
बिनान्स एक्सचेंज डील का रद होना और दिवालिया कानून के तहत आवेदन करना इन् दो घटनाओं ने पूरी क्रिप्टो मार्किट में भूचाल ला दिया है।
क्रिप्टो करेंसी पहले से ही किसी क़ानून के दायरे में नहीं आती और इस घटना के बाद निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
निवेशकों ने क्रिप्टो मार्किट से भारी मात्रा में निकासी शुरू कर दी है जिसकी वजह से बिटकॉइन सहित सभी क्रिप्टो करेंसी में बहुत ज्यादा गिरावट आई है।
भारत में क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए क्या नियम हैं।
अगर भारत में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो तो क्या होगा। यानी देश में एफटीएक्स की तरह कोई बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज या क्रिप्टो निवेशकों के पैसों को संभालने वाली काई संस्था दिवालिया हो जाए तो क्या होगा भारत मे होने पर क्रिप्टो निवशकों या अकाडंट होल्डर्स को पैसा वापस मिलने के चांस बहुत कम है।
ऐसा इसलिए क्यों कि अभी भारत में क्रिप्टो इंडस्ट्री को लेकर कोई नियम या रेगुलेशन नहीं है। सरकार ने क्रिप्टो ट्रांजैक्शन से होने वाली कमाई पर टैक्स लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई बिल नहीं ला पाई है। यही कारण है कि कोई बैंक इन क्रिप्टो एक्सचेंजों से डील भी नहीं कराता है। हालांकि, इसके बावजूद हजारेां की तादाद मे युवा एक बड़ा रिटर्न पाने की आस में इन क्रीपो एक्सचेंज में अपना पैसा लगा रहे हैं।
निष्कर्ष
इस लेख में एफ टी एक्स क्या है (FTX kya hai), एफ टी एक्स (FTX) का भविष्य क्या है इत्यादि के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है।
इस लेख के द्धारा किसी को भी क्रिप्टो करेंसी खरीदने को नहीं कहा जा रहा है यह सिर्फ सूचना मात्र है।अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो कृपया इसे दूसरों के साथ भी शेयर करें और आपको क्रिप्टो करेंसी के बारे में कुछ पूछना हो तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।
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DISCLAIMER
Cryptocurrency निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़, शर्ते व नियम ध्यान से पढ़े। क्रिप्टो करेंसी भारत में क़ानूनी रूप से वैध नहीं है। ऊपर दिया गया लेख पूरी तरह से एक सूचना है। हमारा आपसे निवेदन है कि निवेश करने से पहले आप खुद से रिसर्च करके इसके बारे में जानकारी हासिल कर ले।