Financial Independent Retire Early, Early Retirement Planning, F.I.R.E.
एक समय था जब लोगो की सोच ऐसी थी कि 58 से 60 साल की उम्र तक काम करना है और उसके बाद ही रिटायर होना है। लेकिन आज के इस दौर में ये माइंड सेट बदल गया है, अब लोग 40 और 45 की उम्र में ही रिटायरमेंट लेना चाहते हैं या यूँ कहें कि 40 -45 की उम्र में वित्तीय आज़ादी (Financial freedom ) चाहते हैं।
इस फ्रीडम का मतलब यह नहीं है कि सब काम या नौकरी छोड़कर घर बैठ जाएँ बल्कि इस फ्रीडम का मतलब यह है कि आपको अपने बुनियादी (बेसिक) जरूरतों के लिए कोई काम या नौकरी पर आधारित नहीं होना पड़ता। जो वित्तीय आज़ादी हासिल कर लेते हैं वे लोग वो काम करते हैं जो वो चाहते हैं।
इसे F.I.R.E. का नियम भी कहा जाता है, F.I.R.E. का अर्थ है Financial Independence and Retire Early. यानी कि आप वित्तीय रूप से आज़ाद हैं, तो जल्द रिटायर हो सकते हैं. जल्द रिटायर होने के लिए आपको फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट होना होगा। इसी को देखते हुए लोगों का रूझान फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली (F.I.R.E.) की तरफ बढ़ रहा है, अब देखना ये है कि फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट होने के लिए हमें क्या करना होगा.
इस लेख में आपको विस्तार से बताया गया है कि कैसे 40 से 45 की उम्र तक वित्तीय आज़ादी हासिल की जा सकती है। इसमें हम आपको कुल 5 स्टेप बताएँगे जिन्हे फॉलो करके आप भी 40 से 45 की उम्र तक रिटायरमेंट ले सकते हैं। ये सभी स्टेप एक दूसरे से जुड़े हैं इसलिए ये सभी स्टेप महत्वपूर्ण हैं।
सबसे पहले तो हमे यह तय करना है कि फाइनेंसियल इंडिपेंडेंट बनने के लिए आपको कितने पैसे की जरूरत है। इसका आकलन करने के लिए आपको मुद्रा स्फीति ( इन्फ्लेशन ) को ध्यान में भी रखना होगा। वर्तमान में होने वाले खर्चों के हिसाब से ही रिटायरमेंट की योजना बनेगी। आपके वर्तमान में वार्षिक खर्च के 25 से 30 गुना आपको फंड बनाना पड़ेगा।
5 तरीको के साथ करे रिटायरमेंट की तैयारी (Financial Independent Retire Early )
1 अधिक पैसे बचाना शुरू करें ( Start saving more money )
सबसे पहले हम बात करेंगे कि आपकी जितनी भी आय (Income ) है, उसमे 20 से 30 % बचत (सेविंग ) जरूर कीजिये। आप 50:30:20 फार्मूला भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आपकी आय चाहे जितनी भी है चाहे 20 हजार , 30 हजार या 50 हजार आपको 20 से 30 % बचत करना है। बहुत से लोग जल्दी रिटायरमेंट के लिए अपनी आय का 50% तक भी बचत कर रहे हैं। बचत करना इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर बचत ही नहीं करेंगे तो निवेश क्या करेंगे और निवेश नहीं करेंगे तो 40 -45 की उम्र में रिटायर कैसे होंगे। यह सभी चीजें एक दूसरे से जुडी (कनेक्ट ) हुई हैं।
2. अपने मासिक खर्चों पर नज़र रखें ( Track your monthly expenses )
जीवन का यह नियम है आप जिस भी चीज पर निगरानी रखोगे ( Monitor ) वो चीज आपके नियंत्रण ( Control ) में आने लगेगी। यहाँ हम अपने मासिक खर्चों को मॉनिटर करने की बात कर रहे हैं। ऐसा करने से मासिक खर्चे भी आपके नियंत्रण में आ जायेंगे। जब आप पूरी तरह से अपने मासिक खर्चों को ट्रैक करेंगे तो आप देखेंगे कि महीने में 2 से 4 हज़ार रूपए ऐसे बचा लेंगे जो बेकार ही खर्च हो रहे थे जैसे कि कुछ बुरी आदतें हो सकती हैं जैसे स्मोकिंग, ड्रिंकिंग या बाहर का जंक फ़ूड बहुत अधिक खाना इत्यादि।
रोज रात को सिर्फ 5 मिनट लगाने है ये देखने के लिए कि आज कितना खर्च हुआ। इसमें से कितना सही था और कितना फ़िज़ूल खर्च था। हम इस प्रकार के खर्चों को कम कर सकते हैं।
ये सब पढ़ कर एक व्यक्ति मिस्टर राम ने कहा कि क्या हम जीवन का आनंद न लें और लाइफ में मौज मस्ती भी जरूरी है। ये सब छोड़ कर 2 -4 हजार के खर्चे कम कर के हम क्या ही कर लेंगे। मिस्टर राम बिलकुल सही कह रहे हैं कि लाइफ में मौज मस्ती जरूरी है लेकिन कभी कभी आप मौज मस्ती करें इसे आदत न बना लें। उन्होंने यह भी कहा कि 2 – 4 हजार बचा कर क्या होगा तो मैं आपको बता दूँ कि आप 2 से 4 हज़ार बचाकर भी बहुत कुछ कर सकते हैं। इसके लिए हम अगले पॉइंट में विस्तार से जानकारी देंगे।
3. सही जगह निवेश करें ( Invest right )
हमने पहले पॉइंट में पढ़ा कि बचत करना कितना जरूरी है और उस बचत को निवेश भी करना है। निवेश के लिए बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं। हमे यह तय करना है कि हमारा पैसा सुरक्षित भी रहे और हमे रिटर्न भी अच्छा मिले। इसके साथ ही हमने दूसरे पॉइंट में समझा कि कैसे फ़िज़ूल खर्च को कम करके उसे भी सही जगह निवेश करना है।
पॉइंट नंबर 2 में मिस्टर राम का सवाल था कि 2-4 हजार बचाकर क्या ही होगा तो उनके सवाल के जवाब में बताना चाहता हूँ कि आप यदि 2000/ रूपए हर महीने किसी अच्छे म्यूच्यूअल फंड में निवेश करते हैं और मान लीजिये उस फंड से 12 प्रतिशत औसतन का रिटर्न मिल रहा है तो ये 2000/ रूपए महीना 20 साल में लगभग 20 लाख रूपए हो जायेंगे। यदि सीख कर और अच्छे से जानकारी हासिल करके किसी ऐसे फंड में निवेश किया जाये जो औसतन 14 प्रतिशत का रिटर्न दे रहा हो तो यही 2000/ रूपए महीना 30 साल में 1 करोड़ 11 लाख का फंड बन जायेगा। यह कम्पाउंडिंग की पावर है।
पॉइंट नंबर 2 को सही से समझ लें तो ये 2-4 हजार हम बचा पाएंगे। इससे हमारी सेहत भी ठीक रहेगी और हम ज्यादा पैसा भी निवेश कर पाएंगे। अब सवाल ये उठता है कि निवेश कहाँ और कैसे करें तो इसके लिए पॉइंट नंबर 4 और 5 में बताया गया है।
4 अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं ( Diversify your portfolio )
निवेश करने के लिए बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं आप अपनी मर्जी से कहीं भी कर सकते हैं। हम यहाँ म्यूच्यूअल फंड का उदाहरण ले रहे हैं जिससे कि निवेश करने में हमे ज्यादा समय और ऊर्जा न लगनी पड़े। अपने निवेश में विविधता होनी जरूरी है ताकि आपका पैसा सुरक्षित भी रहे और ग्रो भी करे।
मुख्य रूप से म्यूच्यूअल फंड तीन प्रकार के होते हैं।
a. लार्ज कैप फंड ( Large cap Fund )
लार्ज कैप फंड वो होता है जिसका पैसा सिर्फ देश की बड़ी बड़ी कंपनियों में ही लगा हो। टॉप 100 – 200 कंपनियों में ही निवेश किया जाता है इसमें जोखिम बहुत कम होता है और इसका रिटर्न लगभग 10 से 12 प्रतिशत तक होता है। इसमें आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।
b. मिड कैप फंड ( Mid cap Fund )
मिड कैप फंड वो होता है जिसका पैसा फंड मैनेजर मिड कैपिटल वाली कंपनियों में लगते हैं ये कंपनी न ही बहुत बड़ी होती हैं न ही एक दम छोटी। इसमें जोखिम लार्ज कैप फंड से ज्यादा होता है और रिटर्न भी 12 से 16 प्रतिशत तक मिलता है।
c. स्माल कैप फंड ( Small cap Fund )
स्माल कैप फंड का पैसा छोटी उभरती हुई कंपनियों में लगाया जाता है इसमें जोखिम सबसे ज्यादा होता है और रिटर्न भी सबसे ज्यादा मिलता है। इसमें 16 से 20 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलता है।
5. निवेश के लिए सही जानकारी( Knowledge for investment )
पिछले पॉइंट में हमने म्यूच्यूअल फंड का उदाहरण दिया था, इसका मतलब ये नहीं है कि हम आपको म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और न ही हम यहाँ किसी म्यूच्यूअल फंड को प्रमोट कर रहे बल्कि हम तो यह कहते हैं कि सीख कर और अच्छे से सारी जानकारी हासिल करके ही कहीं निवेश करें। सीख कर निवेश करना हमेशा हमारे हित में होगा और एक अच्छे रिटर्न की गारंटी देगा। सीखने के लिए बहुत से टूल्स उपलब्ध हैं।
I. इन्वेस्टमेंट सम्बंधित किताबें बाजार में या ऑनलाइन उपलब्ध हैं। आप ऐसी किताबें पढ़ कर बहुत कुछ सीख सकते हो।
II. आप इंटरनेट से भी निवेश सम्बंधित ज्ञान ले सकते हैं जैसे कि गूगल पर सर्च करके, यूट्यूब पर वीडियो देख कर और निवेश वाले ब्लोग्स पढ़ कर आप बहुत कुछ सीख सकते हैं।
III. इनके आलावा यदि कोई सिखाने वाला मेंटोर मिले तो यह बहुत ही अच्छा विकल्प साबित हो सकता है क्यों कि वो आपको व्यावहारिक (प्रैक्टिकल ) ज्ञान देंगे।
6. अपने आय स्रोत को बढ़ाएँ। ( Multiply your income source )
यदि आप अपनी वर्तमान नौकरी या व्यापार से संतुष्ट हैं तो उसे और आगे बढ़ाने की कोशिश लगातार जारी रखें जिससे कि आपकी आय में भी वृद्धि होती रहे। अगर आप अपनी वर्तमान आय से संतुष्ट नहीं तो अपनी नौकरी के साथ साथ आय के अन्य स्त्रोत की तलाश करें और निरंतर अपनी आय वृद्धि के लिए प्रयास करते रहें। इसका मूल कारण यह है कि आपकी आय जितनी ज्यादा होगी उतना ज्यादा आप निवेश करोगे और उतनी जल्दी अमीर बनोगे।
निष्कर्ष
इस लेख में हमने जाना कि कैसे हम बचत करके और अपने खर्चो को कम करके एक अच्छा निवेश कर सकते हैं। यही निरंतर किया गया निवेश ही हमे जल्दी अमीर बनाएगा और हमे 40 की उम्र में ही अपने काम से रिटायरमेंट दिलाएगा।
यह भी पढ़े:
म्युचअल फंड क्या है?| Mutual Fund in Hindi
म्युचअल फंड के क्या फायदे हैं।Mutual Fund benefits in Hindi| म्युचअल फंड कितने प्रकार के होते हैं
मेटावर्स क्या है? | Metaverse kya hai?| Top 10 Metaverse Coins
RBI ने अपनी डिजिटल करेंसी लांच की| RBI Digital Rupee| अब आपको कैश की ज़रूरत कम पड़ेगी
एन एफ टी(NFT) क्या है ?| NFT से कैसे कमाई करे | NFT kya hai in hindi| Non Fungible Token क्या हैं?
DISCLAIMER
इस लेख में हमने निवेश की योजना कैसे बनाए इस बारे में जानकारी दी है और हम इसमें कही भी पाठको को निवेश करने के लिए प्रेरित नहीं कर रहे। निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़, शर्ते व नियम ध्यान से पढ़े। ऊपर दिया गया लेख पूरी तरह से एक सूचना है।